| SR | COMPLETE WORKS OF SWAMI VIVEKANANDA |
Vol. & Page No. | विवेकानन्द साहित्य | Vol. & Page No. |
| 1 | INTRODUCTION - OUR MASTER & HIS MESSAGE - NIVEDITA | 1 | हमारे गुरु और उनका संदेश | 1 |
| 2 | ADDRESSES AT THE PARLIMENT OF RELIGIONS | 1.001 | व्याखानमाला : विश्व-धर्म -महासभा | 1 |
| 3 | RESPONSE TO WELCOME CHICAGO, (AT THE WORLD'S PARLIAMENT OF RELIGIONS,CHICAGO 11.09.1893) |
1.003 | धर्म-महासभा : स्वागत का उत्तर (विश्व-धर्म-महासभा शिकागो, 11.09.1893) |
1.003 |
| 4 | WHY WE DISAGREE (CHICAGO, 15.09.1893) |
1.004 | हमारे मतभेद के कारण (शिकागो, 15.09.1893) |
1.005 |
| 5 | PAPER ON HINDUISM (CHICAGO, 19.09.1893) |
1.006 | हिंदू धर्म पर निबंध (शिकागो, 19.09.1893 ) |
1.006 |
| 6 | RELIGION NOT THE CRYING NEED OF INDIA (CHICAGO, 20.09.1893) |
1.020 | धर्म : भारत की प्रधान आवश्यकता नहीं (शिकागो, 20.09.1893) |
1.022 |
| 7 | BUDDHISM, THE FULFILMENT OF HINDUISM (CHICAGO, 26.09.1893) |
1.021 | बौद्ध धर्म : हिंदू धर्म की निष्पत्ति (शिकागो, 26.09.1893) |
1.023 |
| 8 | ADDRESS AT THE FINAL SESSION CHICAGO, (CHICAGO, 27.09.1893) | 1.023 | अंतिम अधिवेशन में भाषण (शिकागो, 27.09.1893) |
1.026 |
| 9 | KARMA - YOGA (NEW YORK, 13.12.1895) |
1.025 | कर्मयोग (न्यूयार्क, 13.12.1895) |
3.003 |
| 10 | KARMA IN ITS EFFECT ON CHARACTER (NEW YORK, 13.12.1895) |
1.027 | कर्म का चरित्र पर प्रभाव (न्यूयार्क, 13.12.1895) |
3.003 |
| 11 | EACH IS GREAT IN HIS OWN PLACE (NEW YORK, 13.12.1895) |
1.036 | 'हरेक अपने क्षेत्र में महान है' (न्यूयार्क, 13.12.1895) |
3.011 |
| 12 | THE SECRET OF WORK (NEW YORK, 20.12.1895) |
1.052 | कर्म का रहस्य (न्यूयार्क, 20.12.1895) |
3.028 |
| 13 | WHAT IS DUTY? (NEW YORK, 20.12.1895) |
1.063 | कर्तव्य क्या है (न्यूयार्क, 20.12.1895) |
3.038 |
| 14 | WE HELP OURSELVES, NOT THE WORLD ((NEW YORK, 03.01.1896) |
1.072 | हम स्वयं अपना उपकार करते हैं, संसार का नहीं (न्यूयार्क, 03.01.1896) |
3.047 |
| 15 | NON-ATTACHMENT IS COMPLETE SELFABNEGATION (NEW YORK, 03.01.1896) |
1.081 | अनासक्तिही पूर्ण आत्मत्याग हैं (न्यूयार्क, 03.01.1896) |
3.056 |
| 16 | FREEDOM (NEW YORK, 10.01.1896) |
1.094 | मुक्ति (न्यूयार्क, 10.01.1896) |
3.068 |
| 17 | THE IDEAL OF KARMA YOGA (NEW YORK, 10.01.1896) |
1.108 | कर्मयोग का आदर्श (न्यूयार्क, 10.01.1896) |
3.081 |
| 18 | RAJA-YOGA (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.119 | राजयोग (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.029 |
| 19 | PREFACE (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.121 | भूमिका (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.031 |
| 20 | INTRODUCTORY (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.125 | अवतरणिका (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.035 |
| 21 | THE FIRST STEPS (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.137 | साधना के प्राथमिक सोपान (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.048 |
| 22 | PRANA (NEW YORK, 21.12.1895) |
1.147 | प्राण (न्यूयार्क, 21.12.1895) |
1.058 |
| 23 | THE PSYCHIC PRANA (NEW YORK, 04.01.1896) |
1.160 | प्राण का आध्यात्मिक रूप (न्यूयार्क, 04.01.1896) |
1.072 |
| 24 | THE CONTROL OF PSYCHIC PRANA (NEW YORK, 11.01.1896) |
1.166 | आध्यात्मिक प्राण का संयम (न्यूयार्क, 11.01.1896) |
1.078 |
| 25 | PRATYAHARA AND DHARANA (NEW YORK, 18.01.1896) |
1.171 | प्रत्याहार और धारणा (न्यूयार्क, 18.01.1896) |
1.083 |
| 26 | DHYANA AND SAMADHI (NEW YORK, 26.01.1896) |
1.179 | ध्यान और समाधि (न्यूयार्क, 26.01.1896) |
1.091 |
| 27 | RAJA-YOGA IN BRIEF (NEW YORK, 01.02.1896) |
1.189 | संक्षेप में राजयोग (न्यूयार्क, 01.02.1896) |
1.101 |
| 28 | PATANJALI'S YOGA APHORISMS (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.195 | उपक्रमणिका (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.107 |
| 29 | INTRODUCTION (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.195 | उपक्रमणिका (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.109 |
| 30 | CONCENTRATION-ITS SPIRITUAL USES (NEW YORK, 14.12.1895) |
1.200 | समाधिपाद (न्यूयार्क, 14.12.1895) |
1.114 |
| 31 | CONCENTRATION - ITS PRACTICE (NEW YORK, 21.12.1895) |
1.235 | साधनपाद (न्यूयार्क, 21.12.1895) |
1.015 |
| 32 | POWERS | 1.270 | विभूतिपाद | 1.185 |
| 33 | INDEPENDENCE | 1.289 | कैवल्यपाद | 1.203 |
| 34 | APPENDIX | 1.305 | परिशिष्ट | 1.218 |
| 35 | LECTURES AND DISCOURSES | 1.315 | व्याख्यान, प्रवचन एवं कक्षालाप- (धर्म-सामान्य) |
2.225 |
| 36 | SOUL, GOD AND RELIGION | 1.317 | आत्मा, ईश्वर और धर्म | 2.227 |
| 37 | THE HINDU RELIGION (POUCH GALLERY IN CLINTON AVENUE, 30.12.1894) |
1.329 | हिंदू धर्म (क्लिंटन एवेन्यू, पाउच गैलरी 30.12.1896) |
1.258 |
| 38 | WHAT IS RELIGION? (NEW YORK, 17.06.1900) |
1.333 | धर्म क्या हैं ? (न्यूयार्क, 17.06.1900) |
2.293 |
| 39 | VEDIC RELIGIOUS IDEALS (LONDON, ENGLAND, 13.10.1896) |
1.344 | वेद्प्रणित धार्मिक आदर्श (लंदन, इंग्लैंड 13.10.1896) |
1.240 |
| 40 | THE VEDANTA PHILOSOPHY (CAMBRIDGE, MA, 10.12.1894) |
1.357 | वेदान्त दर्शन -1 (कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स 10.12.1894) |
9.063 |
| 41 | REASON AND RELIGION (DELIVERD IN ENGLAND, 18.11.1896) |
1.366 | तर्क और धर्म (इंग्लैंड में दिया गया भाषण 18.11.1896) |
2.277 |
| 42 | VEDANTA AS A FACTOR IN CIVILISATION (ENGLAND) | 1.383 | सभ्यता का अवयव वेदान्त (एअर्ली लॉज,रिजवे गार्डन्स,इग्लैंड में दिये गये एक भाषण का उद्धरण ) |
9.113 |
| 43 | THE SPIRIT AND INFLUENCE OF VEDANTA (BOSTON) | 1.387 | वेदांत का सार-तत्व तथा प्रभाव (बोस्टन) |
9.117 |
| 44 | STEPS OF HINDU PHILOSOPHIC THOUGHT | 1.393 | हिंदू दार्शनिक चिंतन के सोपान | 1.229 |
| 45 | STEPS TO REALISATION (NEW YORK, 18.12.1895) |
1.405 | आत्मानुभूति के सोपान (न्यूयार्क, 18.12.1895) |
3.099 |
| 46 | VEDANTA AND PRIVILEGE (LONDON, ENGLAND, 28.10.1896) |
1.417 | वेदान्त ओर विशेषाधिकार (लंदन, इंगलैंड 28.10.1896 ) |
9.095 |
| 47 | PRIVILEGE (LONDON, ENGLAND, 28.10.1896) |
1.43 | विशेषाधिकार (लंदन, इंगलैंड 28.10.1896 ) |
9.107 |
| 48 | KRISHNA (SAN FRANCISCO, CA, 01.04.1900) |
1.437 | कृष्णा (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 01.04.1900) |
7.275 |
| 49 | GITA 1 (SAN FRANCISCO, CA, 26.05.1900) |
1.446 | गीता 1 (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 26.05 .1900) |
7.283 |
| 50 | GITA 2 (SAN FRANCISCO, CA, 28.05.1900) |
1.459 | गीता 2 (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 28.05.1900) |
7.283 |
| 51 | GITA 3 (SAN FRANCISCO, CA, 29.05.1900) |
1.467 | गीता 3 (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 29.05.1900) |
7.301 |
| 52 | MOHAMMED (SAN FRANCISCO, CA, 25.03.1900) |
1.481 | मुहम्मद (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 29.05.1900) |
7.231 |
| 53 | VILVAMANGALA (MISS WALDO'S PAPER) |
1.485 | विल्वमंगल (कुमारी एस०ई० वाल्डो के कागजों ) |
7.194 |
| 54 | THE SOUL AND GOD (SAN FRANCISCO, CA, 23.03.1900) |
1.489 | आत्मा और ईश्वर (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 23.03.1900) |
8.116 |
| 55 | BREATHING (SAN FRANCISCO, CA, 29.03.1900) |
1.503 | श्वास-प्रश्वास-क्रिया (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 29.03.1900) |
4.151 |
| 56 | PRACTICAL RELIGION :BREATHING & MEDITATION (SAN FRANCISCO, CA, 05.04.1900) |
1.513 | योग के सिद्धांत (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 05.04.1900) |
4.161 |
| 57 | WORK AND ITS SECRET (SAN FRANCISCO, CA, 04.01.1900) |
2.001 | कर्म का रहस्य (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 04.01.1900) |
9.175 |
| 58 | THE POWERS OF THE MIND (LOS ANGELES, CA, 08.01.1900) |
2.010 | मन की शक्तियाँ (लॉस एंजिलिस, कैलिफोर्निया 08.01.1900) |
4.167 |
| 59 | HINTS ON PRACTICAL SPIRITUALITY (LOS ANGELS, CA, 08.01.1900) |
2.024 | क्रियात्मक आध्यात्मिकता के प्रति संकेत (लॉस एंजिलिस,कैलिफोर्निया 08.01.1900) |
3.111 |
| 60 | BHAKTI OR DEVOTION (MADISON SQUARE CONCERT HALL, NEWYORK, 09.02.1896) |
2.038 | भक्ति (मेडिसन स्कवैयर कन्सर्ट हॉल, न्यूयार्क 09.02.1896) |
3.243 |
| 61 | JNANA - YOGA | 2.055 | ज्ञानयोग | 2.001 |
| 62 | THE NECESSITY OF RELIGION (LONDON) |
2.057 | धर्म की आवश्यकता (लंदन) |
2.191 |
| 63 | THE REAL NATURE OF MAN (LONDON) |
2.070 | मनुष्य का यथार्थ स्वरूप (लंदन) |
2.003 |
| 64 | MAYA AND ILLUSION (LONDON, ENGLAND, 15.10.1896) |
2.088 | माया और भ्रम (लंदन, इंग्लैंड 15.10.1896) |
2.043 |
| 65 | MAYA AND THE EVOLUTION OF THE CONCERPTION OF GOD (LONDON, ENGLAND, 20.10.1896) |
2.105 | माया और ईश्वर-धारणा का क्रमविकास (लंदन, इंग्लैंड 20.10.1896) |
2.060 |
| 66 | MAYA AND FREEDOM (LONDON, ENGLAND, 22.10.1896) |
2.118 | माया और मुक्ति (लंदन, इंग्लैंड 22.10.1896) |
2.073 |
| 67 | THE ABSOLUTE AND MANIFESTATION (LONDON, ENGLAND, 25.11.1896) |
2.130 | ब्रह्म एवं जगत (लंदन, इंग्लैंड 25.11.1896) |
2.085 |
| 68 | GOD IN EVERYTHING (LONDON, ENGLAND, 27.10.1896) |
2.144 | सभी वस्तुओं में ब्रह्मदर्शन (लंदन, इंग्लैंड 27.10.1896) |
2.148 |
| 69 | RELISATION (LONDON, ENGLAND, 29.10.1896) |
2.155 | अपरोक्षानुभूति (लंदन, इंग्लैंड 29.10.1896) |
2.159 |
| 70 | UNITY IN DIVERSITY (LONDON, ENGLAND, 03.11.1896) |
2.175 | बहुत्व में एकत्व (लंदन, इंग्लैंड 03.11.1896) |
2.133 |
| 71 | THE FREEDOM OF THE SOUL (LONDON, ENGLAND, 05.11.1896) |
2.189 | आत्मा की मुक्ति (लंदन, इंग्लैंड 05.11.1896) |
2.178 |
| 72 | THE COSMOS : THE MACROCOSM (LONDON, ENGLAND, 19.01.1896) |
2.203 | विश्व : ब्रहत ब्रह्माण्ड (लंदन, इंग्लैंड 19.01.1896) |
2.099 |
| 73 | THE COSMOS : THE MICROCOSM (LONDON, ENGLAND, 26.01.1896) |
2.212 | विश्व : सूक्ष्म ब्रह्माण्ड (लंदन, इंग्लैंड 26.01.1896) |
2.108 |
| 74 | IMMORTALITY (NEW YORK, 17.01.1896 ) |
2.226 | अमरत्व (न्यूयार्क,17.01.1896) |
2.122 |
| 75 | THE ATMAN (NEW YORK, 08.01.1896 ) |
2.238 | आत्मा (न्यूयार्क, 08.01.1896) |
2.202 |
| 76 | THE ATMAN : ITS BONDAGE AND FREEDOM (NEWYORK, 08.01.1896) |
2.254 | आत्मा : उसके बन्धन तथा मुक्ति (न्यूयार्क, 16.02.1896) |
2.216 |
| 77 | THE REAL AND THE APPARENT MAN (NEWYORK, 16.02.1896) | 2.263 | वास्तविक और व्यवहारिक मनुष्य (न्यूयार्क, 16.02.1896) |
2.021 |
| 78 | PRACTICAL VEDANTA AND OTHER LECTURES (LONDON, ENGLAND, 10.11.1896) |
2.289 | व्यवहारिक जीवन में वेदान्त (लंदन, इंग्लैंड 10.11.1896) |
8.000 |
| 79 | PRACTICAL VEDANTA : PART 1 (LONDON, ENGLAND, 10.11.1896) |
2.291 | व्यवहारिक जीवन में वेदान्त प्रथम भाग (लंदन, इंग्लैंड 10.11.1896) |
8.003 |
| 80 | PRACTICAL VEDANTA : PART 2 (LONDON, ENGLAND, 12.11.1896) |
2.309 | व्यवहारिक जीवन में वेदान्त द्वितीय भाग (लंदन, इंग्लैंड 12.11.1896) |
8.019 |
| 81 | PRACTICAL VEDANTA : PART 3 (LONDON, ENGLAND, 17.11.1896) |
2.328 | व्यवहारिक जीवन में वेदान्त तृतीय भाग (लंदन, इंग्लैंड 17.11.1896) |
8.037 |
| 82 | PRACTICAL VEDANTA : PART 4 (LONDON, ENGLAND, 18.11.1896) |
2.341 | व्यवहारिक जीवन में वेदान्त चतुर्थ भाग (लंदन, इंग्लैंड 18.11.1896) |
8.038 |
| 83 | THE WAY TO THE RELISATION OF A UNIVERSAL RELIGION (UNIVERSALIST CHURCH, PASADENA, CA, 28.01.1900) |
2.359 | विश्व धर्म की उपलब्धि का मार्ग (कैलिफोर्निया के पँसाड़ेना सार्वभौमिक धर्म मंदिर में 28.01.1900) |
3.124 |
| 84 | THE IDEAL OF A UNIVERSAL RELIGION (NEW YORK, 12.01.1896 ) |
2.375 | विश्व धर्म का आदर्श (न्यूयार्क, 12.01.1896) |
3.139 |
| 85 | THE OPEN SECRET ( LOS ANGELES, CA, 05.01.1900) |
2.397 | खुला रहस्य (लॉस एंजिलिस, कैलिफोर्निया 05.01.1896) |
9.122 |
| 86 | THE WAY TO BLESSEDNESS (NEW YORK, 22.01.1896 ) |
2.406 | शाश्वत शान्ति का पथ (न्यूयार्क, 22.01.1896) |
3.160 |
| 87 | YAJNAVALKYA AND MAITREYI | 2.416 | याज्ञवल्क्य और मैत्रयी | 7.125 |
| 88 | SOUL, NATURE AND GOD (NEW YORK, 15.01.1896 ) |
2.423 | आत्मा, प्रकृति तथा ईश्वर (न्यूयार्क, 15.01.1896) |
8.084 |
| 89 | COSMOLOGY (NEW YORK, 18.12.1895 ) |
2.432 | ब्रह्माण्डविज्ञान (न्यूयार्क, 18.12.1895) |
4.192 |
| 90 | A STUDY OF THE SANKHYA PHILOSOPHY (NEW YORK, 08.01.1896 ) |
2.442 | सांख्य दर्शन का अध्ययन (न्यूयार्क, 08.01.1896) |
4.201 |
| 91 | SANKHYA AND VEDANTA (NEW YORK, 08.01.1896 ) |
2.454 | सांख्य एवं वेदान्त (न्यूयार्क, 08.01.1896) |
4.211 |
| 92 | THE GOAL (SAN FRANCISCO, CA, 27.03.1900) |
2.463 | लक्ष्य-1 (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 27.03.1900) |
9.137 |
| 93 | REPORTS IN AMERICAN NEWSPAPARS | 2.475 | अमेरिकन समाचारपत्रों के विवरण | 10.225 |
| 94 | DIVINITY OF MAN (Ada, OH, 23.02.1894) |
2.477 | मनुष्यत्व का दिव्यत्व (एडा रेकार्ड, 23.02.1894) |
10.267 |
| 95 | SWAMI VIVEKANANDA ON INDIA (BAY CITY DAILY TRIBUNE, 21.03.1894) |
2.479 | भारत पर स्वामी विवेकानन्द पर विचार (बे सिटी डेली ट्रिब्यून 21.03.1894) |
10.270 |
| Lecture Last Night (BAY CITY DAILY TRIBUNE, 21.03.1894) |
2.48 | कल रात का भाषण (बे सिटी डेली ट्रिब्यून 21.03.1894) |
10.271 | |
| 96 | RELIGIOUS HARMONY (SAGINAW COURIER-HERALD, MI 21.03.1894) |
2.482 | धार्मिक समन्वय (सैगिना एवनिग 21.03.1894) |
10.272 |
| 97 | FROM FAR OFF INDIA (SAGINAW,MI, 22.03.1894) |
2.484 | सुदूर भारत से (सैगिना कूरियर-हेरल्ड 22.03.1894) |
10.274 |
| 98 | AN EVENING WITH OUR HINDU COUSINS (NORTHAMPTON DAILY HERALD, 16.04.1894) | 2.486 | हमारे हिंदू भाइयों के साथ एक शाम (नार्थम्प्टन डेली हेराल्ड, 16.04.1894) ) |
10.276 |
| 99 | THE MANNERS AND CUSTOMS OF INDIA (BOSTON HERALD, 14.05.1894) | 2.488 | भारतीयों के आचार-विचार और रीति रिवाज (बोस्टन हेराल्ड, 14.05.1894) |
10.248 |
| 100 | THE RELIGIONS OF INDIA (BOSTON HERALD,16.05.1894) |
2.490 | भारत का धर्म (बोस्टन हेराल्ड, 16.05.1894) |
10.281 |
| 101 | SECTS AND DOCTRINES IN INDIA (HARVARD CRIMSON,16.05.1894) |
2.491 | भारतके सम्प्रदाय और मत-मतान्तर (हार्वर्ड क्रिमसन, 16.05.1894 ) |
10.282 |
| 102 | LESS DOCTRINE AND MORE BREAD (BALTIMORE AMERICAN, 15.10.1894) |
2.492 | धर्म-सिद्धांत कम, रोटी अधिक (बाल्टीमोर अमेरिकन, 15.10.1894) |
10.290 |
| 103 | THE RELIGION OF BUDDHA (MORNING HERALD, 22.10.1894) |
2.494 | बुद्ध का धर्म (मार्निंग हेरल्ड, 22.10.1894) |
10.291 |
| 104 | ALL RELIGIONS ARE GOOD (WASHINGTON POST, 29.10.1894) |
2.497 | सभी धर्म अच्छे है (वाशिगटन पोस्ट, 29.10.1894) |
10.294 |
| 105 | THE HINDU VIEW OF LIFE (BROOKLYN TIMES, 31.12.1894) |
2.499 | जीवन पर हिन्दू द्रष्टिकोण (ब्रुकलिन टाइम्स, 31.12.1894) |
10.296 |
| 106 | IDEALS OF WOMENHOOD (NEW YORK, 20.01.1895) |
2.503 | नारीत्व का आदर्श (न्यूयार्क, 20.01.1896) |
10.300 |
| 107 | TRUE BUDDHISM (BROOKLYN STANDARD UNION, 04.02.1895) |
2.507 | सच्चाबुद्धमत (ब्रुकलिन स्टैण्डर्ड यूनियन, 04.0.1895) |
10.303 |
| 108 | INDIA'S GIFT TO THE WORLD (BROOKLYN STANDARD UNION, 27.02.1895) |
2.510 | संसार को भारत की देन (ब्रुकलिन स्टैण्डर्ड यूनियन, 27.02.1895) |
10.283 |
| 109 | CHILD WIDOWS OF INDIA (DAILY EAGLE, 27.02.1895) |
2.513 | भारत की बाल विधवाएँ (डेली ईगल, 27.02.1895) |
10.286 |
| 110 | SOME CUSTOMS OF THE HINDUS (BROOKLYN SB113:E116TANDARD UNION, 08.04.1895) |
2.515 | हिन्दुओं की कुछ रीति-रिवाज़ (ब्रुकलिन स्टैण्डर्ड यूनियन, 08.04.1895) |
10.287 |
| 111 | UNITY, THE GOAL OF RELIGION (NEW YORK, 05.01.1896) |
3.001 | एकत्व : धर्म का लक्ष्य (न्यूयार्क, 05.01.1896) |
4.187 |
| 112 | THE FREE SOUL (NEW YORK, 22.01.1896) |
3.006 | आत्मा का मुक्त स्वाभाव (न्यूयार्क, 22.01.1896) |
8.068 |
| 113 | ONE EXISTENCE APPEARING AS MANY (NEW YORK, 29.01.1896) | 3.019 | बहुरूप में प्रतीयमान एक सत्ता (न्यूयार्क, 29.01.1896) |
6.290 |
| 114 | BHAKTI - YOGA (MADISON SQUARE GARDEN, NY, 09.02.1896) |
3.029 | भक्तियोग 16.12.1895 |
4.000 |
| 115 | DEFINITION OF BHAKTI | 3.031 | भक्ति की परिभाषा | 4.004 |
| 116 | THE PHILOSOPHY OF ISHVARA | 3.037 | ईश्वर की दार्शनिक विवेचना | 4.009 |
| 117 | SPIRITUAL REALISATION , THE AIM OF BHAKTI - YOGA | 3.042 | भक्तियोग का ध्येय- आत्मानुभूति | 4.014 |
| 118 | THE NEED OF GURU | 3.045 | गुरु की आवश्यकता | 4.017 |
| 119 | QUALIFICATIONS OF THE ASPIRANT AND THE TEACHER | 3.047 | गुरु और शिष्य के लक्षण | 4.020 |
| 120 | INCARNATE TEACHERS AND INCARNATION | 3.053 | गुरु और अवतार | 4.025 |
| 121 | THE MANTRA: OM : WORD AND WISDOM | 3.056 | मंत्र ऊं: शब्द और ज्ञान | 4.029 |
| 122 | WORSHIP OF SUBSTITUTES AND IMAGES | 3.059 | प्रतीक और प्रतिमा-उपासना | 4.032 |
| 123 | THE CHOSEN IDEAL | 3.062 | इष्टनिष्ठा | 4.034 |
| 124 | THE METHOD AND THE MEANS | 3.064 | उपाय और साधन | 4.038 |
| 125 | PARA - BHAKTI OR SUPREME DEVOTION | 3.068 | पराभक्ति | 4.045 |
| 126 | THE PREPARATORY RENUNCIATION (New York, 27.01.1896) |
3.070 | प्रारंभिक त्याग (न्यूयार्क, 27.01.1896) |
4.045 |
| 127 | THE BHAKTA'S RENUNCIATION RESULTS FROM LOVE (New York, 27.01.1896) |
3.073 | भक्त का वैराग्य-प्रेमजन्य (न्यूयार्क, 27.01.1896) |
4.048 |
| 128 | THE NATURALNESS OF BHAKTI-YOGA AND ITS CENTRAL SECRET (New York, 03.02.1896) |
3.077 | भक्तियोग की स्वाभाविकता और केन्द्रयी रहस्य (न्यूयार्क, 03.02.1896) |
4.052 |
| 129 | THE FORMS OF LOVE - MANIFESTATION (New York, 03.02.1896) |
3.079 | भक्ति की अभिव्यक्ति के रूप (न्यूयार्क, 03.02.1896) |
4.054 |
| 130 | UNIVERSAL LOVE AND HOW IT LEADS TO SELF- SURRENDER (New York, 03.02.1896) |
3.081 | विश्व प्रेम औरउससे आत्मसमर्पण का उदय (न्यूयार्क, 03.02.1896) |
4.056 |
| 131 | THE HIGHER KNOWLEDGE AND THE HIGHER LOVE ARE ONE TO THE TRUE LOVER (New York, 10.02.1896) |
3.085 | सच्चे भक्त के लिये पराविद्या और पराभक्ति एक है (न्यूयार्क, 10.02.1896) |
4.060 |
| 132 | THE TRINGLE OF LOVE (New York, 10.02.1896) |
3.086 | प्रेम का त्रिकोण (न्यूयार्क, 10.02.1896) |
4.062 |
| 133 | THE GOD OF LOVE IS HIS OWN PROOF (New York, 10.02.1896) |
3.091 | प्रेममय ईश्वर स्वयं ही अपना प्रमाण है (न्यूयार्क, 10.02.1896) |
4.066 |
| 134 | HUMAN REPRESENTATIONS OF THE DIVINE IDEAL OF LOVE (New York, 17.02.1896) |
3.093 | प्रेम के दिव्यआदर्श की मानवीय अभिव्यक्ति | 4.068 |
| 135 | CONCLUSION (New York, 17.02.1896) |
3.099 | उपसंहार (न्यूयार्क, 10.02.1896) |
4.075 |
| 136 | LECTURES FROM COLOMBO TO ALMORA (COLOMBO, 15 .01.1897 ) |
3.101 | कोलम्बो से अल्मोड़ा (कोलम्बो 15.01.1897 ) |
5.000 |
| 137 | FIRST PUBLIC LECTURE IN THE EAST (COLOMBO, 15 .01.1897 ) |
3.103 | प्राची में प्रथम सार्वजानिक व्याख्यान (कोलम्बो 15.01.1897 ) |
5.003 |
| 138 | VEDANTISM (Campus of Hindu Mahavidhyalaya Jaffna, 24.01.1897) |
3.116 | वेदान्त (जफना हिन्दू महाविद्यालय प्रांगन, 24.01.1897) |
5.017 |
| 139 | REPLY TO THE ADDRESS OF WELCOME AT PAMBAN (PAMBAN, 26.01.1897) |
3.136 | पाम्बन-अभिनन्दन का उत्तर (पाम्बन, 26.01.1897) |
5.034 |
| 140 | ADDRESS AT THE RAMESWARM TEMPLE ON REAL WORSHIP ( RAMESWARM TEMPLE, 27.01.1897 ) |
3.141 | यथार्थ उपासना ( रामेश्वर मंदिर, 27.01.1897 ) |
5.038 |
| 141 | REPLY TO THE ADDRESS OF WELCOME AT RAMNAD (RAMNAD, 25.01.1897) |
3.144 | राम नाड़-अभिनन्दन का उत्तर ( राम नाड़, 25.01.1897 ) |
5.041 |
| 142 | REPLY TO THE ADDRESS OF WELCOME AT PARAMAKUDI ( MID NIGHT, 31.01.1897) |
3.155 | परमकुड़ी- अभिनन्दन का उत्तर ( 31.01.1897) |
5.052 |
| 143 | REPLY TO THE ADDRESS OF WELCOME AT SHIVA-GANGA & MANAMADURA (MANAMADURA, 01.02.1897) |
3.163 | मानम दुरा -अभिनन्दन का उत्तर | 5.068 |
| 144 | REPLY TO THE ADDRESS OF WELCOME AT MADURA (MADURA, 02.02.1897) |
3.169 | मदुरा - अभिनन्दन का उत्तर | 5.066 |
| 145 | THE MISSION OF THE VEDANTA ( ALMORA, 27.07.1897) |
3.176 | वेदान्त का उद्देश्य | 5.073 |
| 146 | REPLY TO THE ADDRESS OF WELCOME AT MADRAS (MADRAS VICTORIA HALL, 07.02.1897) |
3.20 | मद्रास - अभिनन्दन का उत्तर (मद्रास विक्टोरिया हॉल, 07.02.1897 |
5.096 |
| 147 | MY PLAN OF CAMPAIGN (MADRAS VICTORIA HALL, 09.02.1897) |
3.207 | मेरी कान्तिकारी योजना (मद्रास विक्टोरिया हॉल, 09.02.1897 |
5.102 |
| 148 | VEDANTA IN ITS APPLICATION TO INDIAN LIFE (MADRAS, PAYACHAPA HALL, 13.02.1897) |
3.228 | भारतीय जीवन में वेदान्त का प्रभाव (मद्रास, पेयाचापा हॉल 13.02.1897) |
5.124 |
| 149 | THE SAGES OF INDIA (MADRAS VICTORIA HALL, 11.02.1897) |
3.248 | भारत के महापुरुष (मद्रास विक्टोरिया हॉल, 02.1897 |
5.143 |
| 150 | THE WORK BEFORE US (MADRAS) |
3.269 | हमारा प्रस्तुत कार्य (मद्रास) |
5.163 |
| 151 | THE FUTURE OF INDIA (MADRAS, HARMSTRON CIRCUS, 14.02.1897) |
3.285 | भारत का भविष्य (मद्रास, हार्मस्ट्रॉन सर्कस, 14.02.1897) |
5.179 |
| 152 | ON CHARITY (MADRAS, 12.02.1897 ) |
3.305 | दान (मद्रास, 12.02.22) |
5.198 |
| 153 | ADDRESS OF WELCOME PRESENTED AT CALCUTTA AND REPLY (CALCUTTA) |
3.306 | कलकत्ता-अभिनन्दन का उत्तर (कलकत्ता) |
5.200 |
| 154 | THE VEDANTA IN ALL ITS PHASES (CALCUTTA STAR THEATER 04.03.1897) |
3.322 | सर्वांग वेदान्त (कलकत्ता स्टार थियेटर 04.03.1897) |
5.215 |
| 155 | ADDRESS OF WELCOME AT ALMORA AND REPLY (ALMORA, 11.05.1897) |
3.35 | अल्मोड़ा-अभिनन्दन का उत्तर (अल्मोड़ा,11.05.1897) |
5.241 |
| 156 | VEDIC TEACHING IN THEORY AND PRACTICE (ALMORA, 27.07.1897) |
3.355 | वैदिक उपदेश : तात्तिव्क और व्याहारिक (अल्मोड़ा, 27.07.1897) |
5.241 |
| 157 | BHAKTI (SIALKOTA, PUNJAB, 31.10.1897 ) |
3.357 | भक्ति (सियालकोट, पंजाब, 31.10.22) |
5.248 |
| 158 | THE COMMON BASES OF HINDUISM (LAHORE, 1897) |
3.366 | हिंदू धर्म के सामान्य आधार (लाहौर, 1897) |
5.257 |
| 159 | BHAKTI (LAHORE, 09.11.1897) |
3.385 | भक्ति (लाहौर, 09.11.1897) |
5.277 |
| 160 | THE VEDANTA (LAHORE, 12.11.1897) |
3.393 | वेदान्त (लाहौर, 12.11.1897) |
5.285 |
| 161 | VEDANTISM (KHETRI, 20.11.1897) |
3.434 | वेदान्त (खेतड़ी, 20.12.1897 ) |
5.324 |
| 162 | THE INFLUENCE OF INDIAN SPIRITUAL THOUGHT IN ENGLAND (CALCUTTA, 11.03.1998 ) |
3.440 | इग्लैंड में भारतीय अध्यात्मिक विचारों का प्रभाव (कलकत्ता, 11.03 1899) |
5.330 |
| 163 | SANNYASA : ITS IDEAL AND PRACTICE (CALCUTTA, 19.06.1899 ) |
3.446 | सन्यास: उसका आदर्श तथा साधन (कलकत्ता, 30.03 1899) |
5.336 |
| 164 | WHAT HAVE I LEARNT ? (DACCA, 30.03.1901) |
3.449 | मैंने क्या सीखा (ढाका, 30.03.1901) |
5.339 |
| 165 | THE RELIGION WE ARE BORN IN (DACCA, 31.03.1901) |
3.454 | वह धर्म जिसमें हम पैदा हुए (ढाका, 30.03.1901) |
5.343 |
| 166 | REPORTS IN AMERICAN NEWSPAPARS (SALEM, MA, 29.08.1893) |
3.463 | अमेरिकन समाचारपत्रों के विवरण (सलेम, मैसाचुसेट्स 29.08.1893) |
10.225 |
| 167 | INDIA : HER RELIGION AND CUSTOMS (28 (SALEM, MA, 29.08.1893) | 3.465 | भारत : उसका धर्म तथा रीति रिवाज (सलेम,एमए 29.08.1893) |
10.227 |
| 168 | HINDUS AT THE FAIR ( SALEM, MA, 30.09.1893) |
3.470 | समारोह में हिन्दू (सलेम, मैसाचुसेट्स 30.09.1893) |
10.232 |
| 169 | AT THE PARLIMENT OF RELIGIONS (THE DUBUQUE IOWA,TIMES, 29.09.1893) |
3.473 | धर्म-महासभा के अवसर पर (डब्यूक आयोवा, टाइम्स 29.09.1893) |
10.234 |
| 170 | BUDDHIST PHILOSOPHY (THE DUBUQUE IOWA,TIMES, 29.09.1893) |
3.473 | बौद्ध दर्शन (डब्यूक आयोवा, टाइम्स 29.09.1893) |
10.235 |
| 171 | CANTANKEROUS REMARKS (THE DUBUQUE IOWA,TIMES, 29.09.1893) |
3.475 | कटु उक्ति (डब्यूक आयोवा, टाइम्स 29.09.1893) |
10.235 |
| 172 | PERSONAL TRAITS (CRITIC, 07.10.1893) |
3.476 | व्यक्तिगत विशेषताएँ (क्रिटिक, 07.10.1873) |
10.237 |
| 173 | REINCARNATION (EVANSTON, INDEX 07.10.1893) |
3.478 | पुनर्जन्म (इवैन्सटन इंडेक्स, 07.10.1893) |
10.239 |
| 174 | HINDU CIVILISATION (STREATOR, 09.10.1893) |
3.480 | हिन्दू सभ्यता (स्ट्रीटर, 09.10.1893) |
10.240 |
| 175 | AN INTERSTING LECTURE (WISCONSIN STATE JOURNAL, 21.11.1893) |
3.481 | एक रोचक भाषण (विस्कान्सिन स्टेट जर्नल, 21.11.1893) |
10.241 |
| 176 | THE HINDOO RELIGION (MINNEAPOLIS STAR, 27.11.1893) |
3.481 | हिंदू धर्म (मिनियापोलिस स्टार, 27.11.1893) |
10.242 |
| 177 | THE HINDOO MONK (APPEAL -AVALANCHE, 16.01.1894) |
3.484 | हिन्दू संन्यासी (अपील-एवलांश, 16.01.1894) |
10.244 |
| 178 | PLEA FOR TOLERANCE (MEMPHIS COMMERCIAL, 17.01.1894) |
3.486 | सहिष्णुता के लिये युक्ति (मेमफिस कमर्शियल, 17.01.1894) |
10.246 |
| 179 | MANNERS AND CUSTOMS IN INDIA ( DETROIT, MI 14.02.1894) |
3.488 | भारत की रीति रिवाज़ (डेट्रॉएट,मीचीगन 14.02.1894) |
10.248 |
| 180 | HINDOO PHILOSOPHY ( DETROIT, MI 15.02.1894) |
3.492 | हिन्दू दर्शन (डेट्रॉएट,एमआई 15.02.1894) |
10.252 |
| 181 | MIRACLES (17.02.1894) |
3.495 | चमत्कार (इवनिंग न्यूज , 17.02.1894) |
10.254 |
| 182 | THE DIVINITY OF MAN (DETROIT, MI, 17.02.1894) |
3.496 | मनुष्य का दिव्यत्व (डेट्रॉएट, मीचीगन 17.02.1894) |
10.255 |
| 183 | THE LOVE OF GOD ( DETROIT, MI, 20.02.1894) |
3.503 | ईश्वर- प्रेम (डेट्रॉएट, मीचीगन 20.02.1894) |
10.261 |
| 184 | THE WOMAN OF INDIA ( DETROIT, MI, 24.03.1894) |
3.505 | भारतीय नारी (डेट्रॉएट,मीचीगन 24.02.1894) |
10.263 |
| 185 | BUDDHISTIC INDIA (PASADENA, CALIFORNIA, 02.02.1900) |
3.511 | ||
| 186 | ADDRESSES ON BHAKTIYOGA (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.001 | भक्ति योग पर प्रवचन (न्यूयार्क, 16.12.1895) |
9.003 |
| 187 | THE PREPARATION (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.003 | पूर्व साधना (न्यूयार्क, 16.12.1895) |
9.003 |
| 188 | THE FIRST STEPS (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.012 | प्रारंभिक सोपान (न्यूयार्क, 16.12.1895) |
9.012 |
| 189 | THE TEACHER OF SPIRTUALITY (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.021 | आध्यत्मिक गुरु (न्यूयार्क,16.12.1895) |
9.022 |
| 190 | THE NEED OF SYMBOLS (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.033 | प्रतीकों का आवश्यकता (न्यूयार्क, 16.12.1895) |
9.034 |
| 191 | THE CHIEF SYMBOLS (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.040 | प्रमुख प्रतीक (न्यूयार्क,16.12.1895) |
9.041 |
| 192 | THE ISHTA (NEW YORK, 16.12.1895) |
4.051 | इष्ट (न्यूयार्क, 16.12.1895) |
9.051 |
| 193 | LECTURES AND DISCOURSES | 4.061 | व्याखान प्रवचन एवं कक्षालाप | 7.123 |
| 194 | THE RAMAYANA (DELIVERED AT THE SHAKESHPEARE CLUB, PASADENA, CALIFORNIA, 31.01.1900) |
4.063 | रामायण (कैलिफोर्निया के पँसाड़ेना नामक स्थान में 'शेक्सपियर-क्लब' में दिया गया भाषण 31.01.1900) |
7.132 |
| 195 | THE MAHABHARATA (DELIVERED AT THE SHAKESHPEARE CLUB, PASADENA, CALIFORNIA, 01.02.1900) |
4.078 | महाभारत (कैलिफोर्निया के पँसाड़ेना नामक स्थान में 'शेक्सपियर-क्लब' में दिया गया भाषण 01.02.1900) |
7.148 |
| 196 | THOUGHTS ON THE GITA (CALCUTTA, 1897) |
4.102 | गीता पर विचार (कलकत्ता 1897) |
7.314 |
| 197 | THE STORY OF JADA BHARATA (Pasadena, CA, 07.02.1900) |
4.111 | जड़ भारत की कथा (पँसाड़ेना,कैलिफोर्निया 07.02.1900) |
7.169 |
| 198 | THE STORY OF PRAHLADA (Pasadena, CA 10 .02.1900) |
4.115 | प्रहलाद की कथा (पँसाड़ेना,कैलिफोर्निया 10.02.1900) |
7.173 |
| 199 | THE GREAT TEACHERS OF THE WORLD (Pasadena, CA, 03.02.1900) | 4.120 | विश्व के महान शिक्षक (पँसाड़ेना,कैलिफोर्निया 03 .02.1900) |
7.177 |
| 200 | ON LORD BUDDHA (DELIVERED IN DETROIT) |
4.135 | भगवान बुद्ध (डेट्रॉइट में वितरित) |
7.197 |
| 201 | CHRIST, THE MESSENGER (LOS, ANGELES, CALIFORNIA, 07.01.1900) |
4.138 | ईशदूत ईसा (लॉस एंजिलिस, कैलिफोर्निया 07.01.1900) |
7.215 |
| 202 | MY MASTER (NEW YORK, 23.02.1896) |
4.154 | मेरे गुरु देव (न्यूयार्क, 23.02.1896) |
7.235 |
| 203 | INDIAN RELIGIOUS THOUGHT (DELIVERED UNDER THE AUSPICES OF THE BROOKLYN ETHICALSOCIETY,IN THE POUCH MANSION,CLINTON AVENUE, BROOKLYN, USA) |
4.188 | भारतीय आध्यत्मिक चिन्ताधारा (ब्रुकलिन एथिकल सोसाइटी के तत्वावधान में, पाउच मेंशन, क्लिंटन एवेन्यू, ब्रुकलिन यूएसए में दिया गया) |
1.254 |
| 204 | THE BASIS FOR PSYCHIC OR SPIRITUAL RESEARCH ( LONDON, ENGLAND, 15.07.1896) |
4.192 | अतीन्द्रिय अथवा मन्स्तातिव्क अनुसन्धान के आधार पर (लंदन, इंग्लैंड 15.07.1896) |
4.147 |
| 205 | ON ART IN INDIA (SAN FRANCISCO, CA, 27.03.1900) |
4.196 | भारतीय कला (सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया 27.03.1900) |
1.262 |
| 206 | IS INDIA A BENIGHTED COUNTRY ? (THE FOLLOEING IS A REPORT OF A LECTURE AT DETROIT, UNITED STATES, AMERICA, WITH THE EDITORIAL COMMENTS OF THE BOSTON EVENING TRANSCRIPT, 05.04.1894) |
4.198 | क्या भारतीय तमसाच्छादित (निम्नलिखित बोस्टन ईवनिंग ट्रांसक्रिप्ट की संपादकीय टिप्पणियों के साथ डेट्रॉइट, संयुक्त राज्य अमेरिका, अमेरिका में एक व्याख्यान की रिपोर्ट है, 05.04.1894) |
1.264 |
| 207 | THE CLAIMS OF RELIGION (05 JANUARY) |
4.203 | धर्म के दावे ( 5 जनवरी) |
2.263 |
| 208 | CONCENTRATION (DELIVERED AT THE WASHINGTON HALL, SAN FRANCISCO, 16.03.1900) |
4.218 | चित्त की एकाग्रता (वॉशिंगटन हॉल,सैन फ्रांसिस्को में दिया गया, 16.03.1900) |
4.122 |
| 209 | MEDITATION (DELIVERED AT THE WASHINGTON HALL, SAN FRANCISCO, 03.04.1900) |
4.227 | ध्यान (वॉशिंगटन हॉल,सैन फ्रांसिस्को में दिया गया, 03.04.1900) |
4.131 |
| 210 | THE PRACTICE OF RELIGION (DELIVERED AT ALAMEDA, CALIFORNIA, 18.04.1900) |
4.238 | धर्म की साधना-1 (अल्मेडा, कैलिफ़ोर्निया में दिया गया 18.04.1900) |
3.171 |
| 211 | WRITINGS : PROSE AND POEMS | 4.251 | रचनानुवाद | 9.198 |
| 212 | IS THE SOUL IMMORTAL ? (NEW YORK, 17.05.1895) |
4.253 | क्या आत्मा अमर है (न्यूयार्क, 17.05.1895) |
9.229 |
| 213 | REINCARNATION (NEW YORK, MARCH, 1895) |
4.257 | पुनर्जन्म (न्यूयार्क,मार्च 1895 ) |
9.233 |
| 214 | ON DR. PAUL DEUSSEN (1896) |
4.272 | डाक्टर पॉल डायसन (1896 ) |
9.252 |
| 215 | ON PROFESSOR MAX MULLER (WRITTEN, 06.06.1896) |
4.278 | प्रोफ़ेसर मैक्समेलर (लिखित, 06.06.1896) |
9.246 |
| 216 | SKETCH OF THE LIFE OF PAVHARI BABA (Gazipur, 1890, FEBRUARY FIRST WEEK) |
4.283 | पवहारी बाबा | 9.258 |
| 217 | ARYANS AND TAMILIANS | 4.296 | आर्य और तमिल | 9.281 |
| 218 | THE SOCIAL CONFERENCE ADDRESS | 4.303 | सामाजिक सम्मेलन भाषण | 9.280 |
| 219 | INDIA'S MESSAGE TO THE WORLD | 4.308 | विश्व को भारत का सन्देश | 9.293 |
| 220 | STRAY REMARKS ON THEOSOPHY ( MADRAS, 1893 APRIL FIRST WEEK) |
4.317 | थियोसाफ़ी पर कुछ स्फुट विचार | 9.302 |
| 221 | REPLY TO THE ADDRESS OF THE MAHARAJA OF KHETRI (04.03.1895) |
4.320 | खेतड़ी के महाराजा के अभिनन्दन का उत्तर (04.03.1895) |
9.349 |
| 222 | REPLY TO THE MADRAS ADDRESS | 4.331 | मद्रास के अभिनन्दन का उत्तर | 9.359 |
| 223 | A MESSAGE OF SYMPATHY TO A FRIEND (23.05.1893) |
4.354 | घोर गार्हस्थ्य शोक से पीड़ित एक मद्रासी मित्र श्री डी०आर० बालाजी राव को लिखित (23.05.1893) |
1.390 |
| 224 | WHAT WE BELIEVE IN (03.03.1893) |
4.356 | किडी या सिगारावेलु, मुदालियर को लिखित (03.03.1893) |
2.325 |
| 225 | OUR DUTY TO THE MASSES (23.06.1894) |
4.361 | मैसूर के महाराजा को लिखित (23.06.1893 ) |
2.368 |
| 226 | REPLY TO THE CALCUTTA ADDRESS (NEWYORK, 18.11.1894) |
4.365 | राजा प्यारीमोहन मुखर्जी को लिखित (न्यूयार्क,18.11.1894) |
3.331 |
| 227 | TO MY BRAVE BOYS (WRITTEN TO ALASINGA PERUMAL FROM NEWYORK, 19.11.1894) |
4.367 | श्री आलासिंगा पेरूमल आदि मद्रासी शिष्यों को लिखित (न्यूयार्क, 19.11.1984) | 3.332 |
| 228 | A PLAN OF WORK FOR INDIA (WRITTEN TO JUSTICE SIR SUBRAHMANYA IYER FROM CHICAGO, 03.01.1895) |
4.371 | श्री जस्टिस सुब्रह्मण्य अय्यर को लिखित (शिकागो से जस्टिस सर सुब्रह्मण्य अय्यर को लिखा गया, 03.01.1895) |
3.365 |
| 229 | FUNDAMENTALS OF RELIGION | 4.374 | धर्म के मूल तत्व | 9.272 |
| 230 | KALI THE MOTHER | 4.384 | काली माता | 9.335 |
| 231 | ANGLES UNAWARES I-III (WRITTEN ON 01.09.1898) |
4.385 | अज्ञात देवदूत (कलकत्ता में लिखित, 01.09.1898 ) |
10.185 |
| 232 | TO THE AWAKENED INDIA (WRITTEN TO PRABUDDHA BHARAT OR AWAKENDED INDIA WHEN THE JOURNAL WAS TRANSFERRED FROM MADRAS TO ALMORA HIMALAYAS INTO THE HANDS OF THE BROTHERHOOD FOUNDED BY SWAMI VIVEKANANDA, AUGUST 1898) |
4.387 | प्रबुद्ध भारत' के प्रति (प्रबुद्ध भारत (AWAKENED INDIA) पत्रिका के मद्रास से, स्वामीजी द्वारा स्थापित भ्रात्रा मण्डल के हाथों में अल्मोड़ा को स्थानांतरित होने के अवसर पर लिखित ) |
10.189 |
| 233 | REQUIESCAT IN PACE (WRITTEN IN MEMORIAM TO J.J. GOODWIN, AUGUST 1898) |
4.389 | उसे शान्ति मेंविश्राम मिले (जे० जे० गुडविन की स्मृति में लिखित,अगस्त 1898) |
10.195 |
| 234 | HOLD ON YET A WHILE, BRAVE HEART (WRITTEN TO H.H THE MAHARAJA OF KHETRI, RAJPUTANA) |
4.389 | धीरज रखो तनिक और हर वीर ह्रदय (खेतड़ी के महाराजा को लिखित) |
10.188 |
| 235 | NIRVANASHATKAN OR SIX STANZAS ON NIRVANA (TRANSLATION OF POEM BY SHANKARACHARYA) |
4.391 | निर्वाणषटकम (शंकराचार्य द्वारा कविता का अनुवाद) |
10.207 |
| 236 | THE SONG OF THE SANNYASIN (COMPOSED AT THE THOUSAND ISLAND PARK, (NEW YORK, JULY 1895) |
4.392 | सन्यासी का गीत (जुलाई 1895 में सहत्रदीपोद्वान पार्क,न्यूयॉर्क में बना) |
10.173 |
| 237 | PEACE (COMPOSED AT RIDGELY MANOR, NEW YARK, 1899) |
4.395 | शान्ति (रिजली मैनर,न्यूयॉर्क 1899 में बना) |
10.197 |
| 238 | THE PROBLEM OF MODERN INDIA & ITS SOLUTION ( TRANSLATION TO THE UDBODHAN, WHEN IT WAS STARTED ON THE 14.01.1899) |
4.399 | हमारी वर्तमान समस्या (उद्बोधन में अनुवाद,जब इसे 14.01.1899 को शुरू किया गया था) |
10.132 |
| 239 | RAMAKRISHNA, HIS LIFE & SAYING (TRANSLATION OF A REVIEW OF OF RAMAKRISHNA;HIS LIFE AND SAYING BY PROF.MAX MILLER,CONTRIBUTED TO THE UDBODHANA 14.03.1899 |
4.409 | श्रीरामकृष्ण और उनके विचार (रामकृष्ण की समीक्षा का अनुवाद,उनके जीवन और प्रो. मैक्स मिलर द्वारा कहा गया,उद्बोधन को योगदान 14.03.1899) |
10.148 |
| 240 | THE PARIS CONGRESS OF THE HISTORY OF RELIGIONS (TRANSLATED FROM A PARIS LETTER WRITTEN TO THE UDBODHAN) |
4.422 | पेरिस प्रदर्शनी (एक पेरिस पत्र से अनुवादित, जो उद्बोधन को लिखा गया है) |
10.161 |
| 241 | KNOWLEDGE: IT'S SOURCE & ACQUIREMENT (TRANSLATED FROM A BENGALI CONTRIBUTION BY SWAMI VIVEKANANDA TO THE UDBODHAN, 12.02.1899) | 4.430 | ज्ञानार्जन (स्वामी विवेकानंद द्वारा उद्बोधन में एक बंगाली योगदान से अनुवादित, 12.02.1899) |
10.156 |
| 242 | MODERN INDIA MARCH (TRANSLATED FROM A BENGALI CONTRIBUTION TO THE UDBODHAN, MARCH 1899) |
4.438 | वर्तमान भारत (एक बंगाली योगदान से उद्बोधन में अनुवाद, मार्च 1899) |
9.201 |
| 243 | THE EDUCATION THAT INDIA NEEDS (WRITTEN TO SHRIMATI SARALA GHOSHAL, M.A., EDITOR,BHARTI,FROM DARJEELING 24.04.1897) |
4.481 | श्री मती सरला घोषाल की लिखित (श्रीमती सरला घोषाल, एम.ए., संपादक,भारती, दार्जिलिंग से 24.04.1897 को लिखा गया ) |
6.309 |
| 244 | OUR PRESENT SOCIAL PROBLEM (TRANSLATED FROM A BANGALI LETTER WRITTEN TO SHRIMATI MRINALNI BOSE FROM DEOGHAR 23.12.1898) |
4.488 | श्री मती म्रणालिनी बसु को लिखित ( देवघर से श्रीमती मृणालनी बोस को लिखे गए एक बंगाली पत्र से अनुवादित 23.12.1898) |
7.357 |
| 245 | TO A FRIEND | 4.493 | सखा के प्रति | 9.323 |
| 246 | THE HYMN OF CREATION | 4.497 | सृष्टि | 10.208 |
| 247 | THE HYMN OF SAMADHI | 4.498 | समाधि | 9.323 |
| 248 | A HYMN TO THE DIVINE MOTHER | 4.498 | अम्बास्तोत्रम् | 9.340 |
| 249 | A HYMN TO SHIVA | 4.501 | शिवस्तोत्रं | 9.338 |
| 250 | A HYMN TO THE DIVINITY OF SRI RAMAKRISHNA (Ramakrishna Pur, Inauguration of Nabagopal Ghosh's temple 6.2.1898) | 4.504 | श्री रामकृष्ण -स्तोत्रम | 9.342 |
| 251 | AND LET SHYAMA DANCE THERE | 4.506 | नाचे उस पर श्यामा | 9.331 |
| 252 | A SONG I SING TO THEE | 4.511 | गाता हूँ गीत मैं तुम्हें सुनाने को | 9.324 |
| 253 | INTERVIEWS | 5.181 | समालाप | 4.223 |
| 254 | MIRACLES (THE MEMPHIS COMMERCIAL, 15.01.1894) |
5.183 | चमत्कार (मेम्फिस कमर्शियल, 15.01.1894) |
4.225 |
| 255 | AN INDIAN YOGI IN LONDON ( THE WESTMINSTER GAZETTE, 23.10.1895) |
5.185 | लंदन में भारतीय योगी (वेस्टमिंस्टर गजट, 23.10.1895) |
4.227 |
| 256 | INDIA'S MISSION (SUNDAY TIME LONDON 1896) |
5.188 | भारत का मिशन ('संडे टाइम्स' लंदन, 1896) |
4.230 |
| 257 | INDIA & ENGLAND (LONDON, 1896) |
5.194 | भारत और इग्लैंड (लंदन) |
4.236 |
| 258 | INDIAN MISSIONARY'S MISSION TO ENGLAND (THE ECHO, LONDON 1896) | 5.201 | इग्लैंड में भारत के मिशनरी का उद्देश्य (दि इको, लंदन ) |
4.242 |
| 259 | WITH THE SWAMI VIVEKANANDA AT MADURA (THE HINDU, MADRAS, FEB.1897) |
5.204 | मदुरा में स्वामी विवेकानन्द के साथ (दि हिन्दू, मद्रास फ़रवरी 1897 ) |
4.244 |
| 260 | THE ABROAD & THE PROBLEM AT HOME (THE HINDU, MADRAS, FEB.1897) |
5.209 | विदेशों की बात और देश की समस्याएं (दि हिन्दू, मद्रास,फ़रवरी,1897 ) |
4.249 |
| 261 | MISSIONARY WORK OF 1ST HINDU SANNYASIN TO WEST & HIS PLAN OF REGENERATION OF INDIA (MADRAS TIMES, FEBRUARY, 1897 ) |
5.218 | पशिचम में प्रथम हिंदू संन्यासी का मिशनरी कार्य और भारत के पुनर्जागरण के लिये उनकी योजना ('मद्रास टाइम्स', 1897 ) |
4.257 |
| 262 | REAWAKENING OF HINDUISM ON A NATIONAL BASIS ('PRABUDDHA BHARAT' SEPT. 1898) |
5.225 | राष्ट्रीय आधार पर हिंदू धर्म का पुनर्जागरण (प्रबुद्ध भारत, सितम्बर, 1897) |
4.263 |
| 263 | ON INDIAN WOMAN - THEIR PAST, PRESENT & FUTURE (PRABUDHA BHARAT, DEC.1898) |
5.228 | भारतीय नारियाँ - उनका भूत, वर्तमान और भविष्य ('प्रबुद्ध भारत', दिसम्बर 1898) |
4.265 |
| 264 | ON THE BOUNDS OF HINDUISM (PRABUDDHA BHARATA, APRIL 1899) |
5.233 | हिंदू धर्म की सीमा ('प्रबुद्ध भारत', दिसम्बर 1898') |
4.269 |
| 265 | NOTES FROM LECTURES & DISCOURSES | 5.237 | व्याखान और प्रवचनों से नोट्स | 9.173 |
| 266 | ON KARMA-YOGA | 5.239 | कर्मयोग | 9.183 |
| 267 | ON FANATICISM | 5.242 | दुराग्रह | 3.234 |
| 268 | WORK IS WORSHIP | 5.245 | कर्म ही उपासना है | 9.187 |
| 269 | WORK WITHOUT MOTIVE | 5.246 | निष्काम कर्म | 9.189 |
| 270 | SADHANAS OR PREPARATIONS FOR HIGHER LIFE | 5.249 | उच्चतर जीवन के निमित्त साधनाएँ | 3.093 |
| 271 | THE COSMOS & THE SELF | 5.255 | आत्मा और विश्व | 8.080 |
| 272 | WHO IS A REAL GURU? | 5.257 | सच्चा गुरु कौन है? | 3.189 |
| 273 | ON ART | 5.258 | कला | 10.043 |
| 274 | ON LANGUAGE | 5.259 | भाषा | 10.042 |
| 275 | THE SANNYASIN | 5.260 | संन्यासी | 3.184 |
| 276 | THE SANNYASIN & THE HOUSEHOLDER | 5.260 | संन्यासी और ग्रहस्थ | 3.187 |
| 277 | THE EVILS OF ADHIKARIVADA | 5.262 | अधिकारीवाद के दोष | 1.326 |
| 278 | ON BHAKTI-YOGA | 5.265 | भक्ति योग -1 | 3.258 |
| 279 | ISHVARA & BRAHMAN | 5.269 | ईश्वर और ब्रह्म | 8.083 |
| 280 | ON JNANA-YOGA | 5.270 | ज्ञान योग -1 | 6.241 |
| 281 | THE CAUSE OF ILLUSION | 5.276 | माया का क्या कारण है ? | 6.280 |
| 282 | EVOLUTION (BOSTON, MA, 24.03.1896) |
5.277 | क्रमविकास वाद (बोस्टन,मैसाचुसेट्स, 24.03.1896) |
4 .220 |
| 283 | BUDDHISM & VEDANTA (BOSTON, MA, 24.03.1896) |
5.279 | बौद्ध मत और वेदान्त (बोस्टन, मैसाचुसेट्स, 24.03.1896) |
9.170 |
| 284 | ON THE VEDANTA PHILOSOPHY | 5.281 | वेदान्त दर्शन -2 | 9 .071 |
| 285 | LAW & FREEDOM | 5.286 | नियम और मुक्ति | 9.165 |
| 286 | THE GOAL & METHODS OF REALISATION | 5.291 | लक्ष्य और उसकी प्राप्ति के उपाय | 3.169 |
| 287 | WORLD-WIDE UNITY | 5.293 | विश्व व्यापी एकता | 3.170 |
| 288 | THE AIM OF RAJA-YOGA | 5.293 | राजयोग का उद्देश्य | 4.096 |
| 289 | QUESTIONS & ANSWERS | 5.295 | प्रश्नोत्तर | 10.369 |
| 290 | DISCUSSION AT THE GRADUATE PHILOSOPHICAL SOCIETY OF H.U. 25.03.1896) | 5.297 | हार्वर्ड विश्विद्यालय की ग्रेजुअट दार्शनिक सभा में (एचयू की फिलॉसॉफिकल सोसाइटी 25.03.1896) |
10.380 |
| 291 | AT THE 20th CENTURY CLUB OF (BOSTON, MA, 25.03.1896) |
5.310 | टवेंटीएथ सेंचुरी क्लब, (बोस्टन, मैसाचुसेट्स 25.03.1896) |
10.377 |
| 292 | AT THE BROOKLYN ETHICAL SOCIETY BROOKLYN, USA | 5.312 | ब्रुकलिन नैतिक सभा, ब्रुकलिन, अमेरिका | 10.375 |
| 293 | SELECTIONS FROM MATH DIARY | 5.314 | बेलूरमठ की डायरी से | 10.371 |
| 294 | YOGA, VAIRAGYA, TAPASYA, LOVE | 5.319 | योग,वैराग्य, तपस्या,प्रेम | 10.397 |
| 295 | IN ANSWER TO NIVEDITA | 5.320 | भगिनी निवेदिता के कुछ प्रश्नों के उत्तर | 10.401 |
| 296 | GURU, AVATARA,YOGA, JAPA, SEVA | 5.322 | गुरु, अवतार,योग, जप, सेवा | 10.398 |
| 297 | CONVERSATIONS & DIALOGUES (BY DISCIPLE) | 5.327 | वार्ता एवं संलाप (शिष्य से ) | 6.007 |
| 298 | SHRI SURENDRA NATH DAS GUPTA | 5.329 | श्री सुरेन्द्रनाथ गुप्त आलिखित | 8.283 |
| 299 | SHRI SURENDRA NATH SEN (22.01.1898) |
5.332 | श्री सुरेन्द्र नाथ सेन द्वारा आलिखित (22.01.1898) |
8.269 |
| 300 | SHRI PRIYA NATH SINHA | 5.349 | ||
| 301 | FROM THE DIARY OF A DISCIPLE- S. C. CHAKRAVARTY | 5.379 | एक शिष्य की डायरी से (स्थान: मठ निर्माण के समय वर्ष: 1898) |
6.127 |
| 302 | SAYING AND UTTERANCES | 5.409 | सूक्तियाँ एवं सुभाषित | 10.213 |
| 303 | WRITINGS : PROSE AND POEMS | 5.423 | रचनानुवाद- 2 | 9.199 |
| 304 | REASON, FAITH AND LOVE | 5.425 | बुद्धि, श्रद्धा और प्रेम | 9.305 |
| 305 | SIX SANSKRIT MOTTOES | 5.427 | छ: संस्क्रत आदर्श वाक्य | 9.308 |
| 306 | THE MESSAGE DIVINE WISDOM 1 BONDAGE 2 THE LAW 3 | 5.428 | दिव्यप्रज्ञा का संदेश: बंधन | 9.310 |
| 307 | THE BELUR MATH : AN APPEAL | 5.434 | बेलूङ मठ: एक अपील | 9.317 |
| 308 | THE ADVAITA ASHRAMA , HIMALAYAS | 5.435 | अद्वैत आश्रम, हिमालय (1899) |
9.318 |
| 309 | THE RAMKRISHNA HOME OF SERVICES, VARANASI AN APPEAL (1902) |
5.436 | रामकृष्ण सेवाश्रम, बनारस: एक अपील (1902) |
9.319 |
| 310 | WHO KNOWS HOW MOTHER PLAYS! | 5.439 | कौन जानता माँ की लीला | 10.199 |
| 311 | TO THE FOURTH OF JULY | 5.439 | मुक्ति | 10.203 |
| 312 | THE EAST AND THE WEST | 5.441 | प्राच्य और पाश्चात्य | 10.047 |
| 313 | LECTURES AND DISCOURSES | 6.001 | व्याख्यान और प्रवचन एवं कक्षालाप -2 | 2.225 |
| 314 | THE METHOD & PURPOSE OF RELIGION (LONDON, ENGLAND, 14.05.1896 ) |
6.003 | धर्म उसकी विधियाँ और प्रयोजन (लंदन, इंग्लैंड 14.05.1896) |
2.237 |
| 315 | THE NATURE OF THE SOUL & ITS GOAL | 6.018 | आत्मा का स्वरुप और लक्ष्य | 8.093 |
| 316 | THE IMPORTANCE OF PSYCHOLOGY | 6.028 | मनोविज्ञान का महत्व | 4.112 |
| 317 | NATURE & MAN | 6.033 | आत्मा और प्रक्रति | 10.030 |
| 318 |
CONCENTRATION & BREATHING SAN FRANCISCO, 16.04.1900 |
6.037 | एकाग्रता और श्वास-प्रश्वास (सैन फ्रांसिस्को, 16.04.1900 ) |
4.108 |
| 319 | INTRODUCTION TO JNANA-YOGA (NEW YORK, 11.12.1895 ) |
6.041 | ज्ञानयोग का परिचय ( न्यूयार्क, 11.12.1895 ) |
6.248 |
| 320 | THE VEDANTA PHILOSOPHY &CHRISTIANITY (NOTE OF A LECTURE DELIVERED AT THE UNITARIAN CHURCH, IN OAKLAND, CALIFORNIA, 28.02.1900) |
6.046 | वेदान्त दर्शन और ईसाई (यूनिटैरियन चर्च,ओकलैंड,कैलीफोर्निया में दिए गये व्याखान का लिखित विवरण 28.02.1900) |
9.159 |
| 321 | WORSHIPPER & WORSHIPPED (DELIVERED IN SAN FRANCISCO AREA, 09.04.1900) |
6.049 | उपासक और उपास्य (सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र में दिया गया व्याख्यान 19.04.1900 ) |
3.214 |
| 322 | FORMAL WORSHIP (DELIVERED IN SAN FRANCISCO AREA, 10.04.1900) |
6.059 | औपचारिक उपासना (सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र में दिया गया व्याख्यान 10.04.1900 ) |
3.234 |
| 323 | DIVINE LOVE (DELIVERED IN SAN FRANCISCO AREA, 12.4.1900) |
6.07 | दिव्य प्रेम (सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र में दिया गया व्याख्यान 12.04.1900 ) |
3.279 |
| 324 | NOTES OF CLASS TALKS & LECTURES | 6.079 | व्याख्यान, प्रवचन एवं कक्षालाप -2 | |
| 325 | RELIGION & SCIENCE | 6.081 | धर्म एवं विज्ञान | 2.251 |
| 326 | RELIGION IS REALISATION | 6.082 | भगवत्प्राप्ति ही धर्म हैं | 2.253 |
| 327 | RELIGION IS SELF-ABNEGATION | 6.083 | स्वार्थोन्मूलन ही धर्म हैं | 2.254 |
| 328 | UNSELFISH WORK IS TRUE RENUNCIATION | 6.083 | निष्काम कर्म ही सच्चा संन्यास हैं | 9.198 |
| 329 | FREEDOM OF THE SELF | 6.084 | आत्मा की मुक्ति | 8.117 |
| 330 | NOTES ON VEDANTA | 6.085 | वेदान्त पर टिप्पणियाँ | 9.149 |
| 331 | HINDU & GREEK | 6.085 | हिंदू और यूनानी | 1.286 |
| 332 | THOUGHTS ON THE VEDAS & UPANISHADS | 6.086 | वेदों और उपनिषदों के विषय में विचार | 9.130 |
| 333 | ON RAJA - YOGA | 6.089 | राजयोग | 4.095 |
| 334 | ON BHAKTI-YOGA | 6.090 | भक्तियोग-2 | 3.262 |
| 335 | ON JNANA-YOGA | 6.091 | ज्ञानयोग-2 | 6.247 |
| 336 | THE REALITY & SHADOW | 6.092 | सत्य और छाया-1 | 6.283 |
| 337 | HOW TO BECOME FREE | 6.092 | ||
| 338 | SOUL & GOD (Washington Hall, Redmens Building 23.3.1900) | 6.093 | आत्मा और ईश्वर | 8.116 |
| 339 | THE GOAL (27.3.1900) |
6.094 | लक्ष्य-2 (27.3.1900) |
9.148 |
| 340 | ON PROOF OF RELIGION | 6.095 | धर्म का प्रमाण | 2.255 |
| 341 | THE DESIGN THEORY | 6.097 | स्रष्टि-रचनावाद का सिद्धांत | 10.033 |
| 342 | SPIRIT & NATURE | 6.098 | आत्मा और प्रकृति | 10.030 |
| 343 | THE PRACTICE OF RELIGION (AT ALAMEDA, CALIFORNIA., 18.03.1900) |
6.101 | धर्म की साधना-2 (अलामेडा, कैलीफोर्निया में 18.03.1900 ) |
3.182 |
| 344 | FRAGMENTARY NOTES ON THE RAMAYANA | 6.102 | रामायण पर स्फुट टिप्पणियाँ | 7.147 |
| 345 | NOTES TAKEN DOWN IN MADRAS (1892-93) | 6.103 | ||
| 346 | CONCENTRATION (LOS ANGELES, CALIFORNIA, 27.12.1899) |
6.123 | एकाग्रता (लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया 27.12.1899) |
4.106 |
| 347 | THE POWERS OF THE MIND | 6.125 | मन की शक्ति | 4.181 |
| 348 | LESSONS ON RAJA - YOGA ( LONDON, ENGLAND, 16.06.1896 ) |
6.128 | राजयोग के पाठ (लंदन, इंग्लैंड 16.06.1896) |
4.097 |
| 349 | LESSONS ON BHAKTI - YOGA (LONDON, ENGLAND, 28.06.1896) |
6.137 | भक्ति योग के पाठ (लंदन, इंग्लैंड 28.06.1896) |
3.264 |
| 350 | MOTHER - WORSHIP (Based on fragmentary notes from a classroom of Swami Vivekananda, New York, 24 .06.1900 ) |
6.145 | मातृ-पूजा (न्यूयार्क, में स्वामी विवेकानन्द के एक कक्षालय के खंडित नोटों के आधार पर 24.06.1900 ) |
3.205 |
| 351 | NARADA BHAKTI SUTRAS (A FREE TRANSLATION DICTATED BY SWAMIJI IN AMERICA, THOUSAND ISLAND PARK, 21.06.1895 ) |
6.150 | नारदीय-भक्ति-सूक्त (अमेरिका में स्वामीजी द्वारा लिखवाया हुआ मुक्त अनुवाद सहत्रदीपोद्वान पार्क 21.06.1895) |
3.287 |
| 352 | WRITINGS: PROSE & POEMS | 6.155 | रचनानुवाद : पद-2 | 10.172 |
| 353 | HISTORICAL EVOLUTION OF INDIA | 6.157 | भारत का ऐतिहासिक क्रम विकास | 10.116 |
| 354 | THE STORY OF THE BOY GOPALA | 6.168 | बालक गोपाल की कथा | 10.126 |
| 355 | MY PLAY IS DONE (WRITTEN IN THE SPRING IN NEW YARK 1895) |
6.175 | मेरा खेल खत्म हुआ (न्यूयार्क, में बसंत में लिखित 1895) |
10.176 |
| 356 | THE CUP | 6.177 | प्याला | 10.194 |
| 357 | A BENEDICTION (WRITTEN TO SISTER NIVEDITA, 12.09 .1900) |
6.178 | मंगलाशीष (भगिनी निवेदिता को लिखित 12.09.1900) |
10.195 |
| 358 | THE HYMN OF CREATION | 6.178 | स्रष्टि | 10.208 |
| 359 | ON THE SEA`S BOSOM (SWAMI VIVEKANANDA COMPOSED THIS POEM IN BENGALI DURING HIS RETURN FROM HIS SECOND TRIP TO THE WEST, AT THE TIME OF WRITING IT, IT HE WAS PROBABLY CROSSING THE EASTERN MEDITERRANEAN) |
6.18 | सागर के वक्ष पर (स्वामी विवेकानंद ने इस कविता की रचना बंगाली में अपनी दूसरी पश्चिम यात्रा से लौटने के दौरान की थी, इसे लिखने के समय, यह संभवतः पूर्वी भूमध्यसागर को पार कर रहे थे) |
9.336 |
| 360 | HINDUISM & SHRI RAMKRISHNA | 6.181 | हिन्दू धर्म और श्री रामकृष्ण | 10.139 |
| 361 | THE BENGALI LANGUAGE (WRITTEN FOR THE ''UDBODHAN'' 20.02.1900) |
6.187 | बंगला भाषा (''उदबोधन'' के लिए लिखा गया, 20.02.1900) |
10.167 |
| 362 | MATTER FOR SERIOUS THOUGHT | 6.191 | चिंतनीय बातें | 10.143 |
| 363 | SHIVA`S DEMON | 6.197 | शिवजी का भूत | 7.336 |
| 364 | CONVERSATIONS & DIALOGUES | 6.445 | वार्ता एवं संलाप | 6.007 |
| 366 |
INSPIRED TALKS |
7.001 | देववाणी (सहत्रदीपोद्वान पार्क 19.06.1895) |
7.000 |
| 367 | CONVERSATION & DIALOGUES-2 | 7.105 | वार्ता एवं संलाप-2 | 8.025 |
| 368 | I - XXIX- FROM DIARY OF A DISCIPLE (BELUR, THE RENTED MATH PREMISES 1898) |
7.107 | एक शिष्य की डायरी से - 13 (बेलूड़ किराये का मठ, 1898) |
6.072 |
| 369 | SHRI PRIYA NATH SINHA | 7.268 | ||
| 370 | MRS . WRIGHT - VENGEANCE OF HISTORY | 7.278 | श्री मती राइट इतिहास का प्रतिशोध | 8.286 |
| 371 | THE APPEAL - AVALANCHE | 7.282 | दी अपील-आभालंस धर्म सभ्यता और चमत्कार | 8.289 |
| 372 | RELIGIOUS HARMONY (THE DETROIT FREE PRESS 14.02.1894) |
7.286 | धार्मिक समन्वय (डिट्रएट फ्री प्रेस, 14.02.1894) |
8.293 |
| 373 | FALLEN WOMEN (THE DETROIT TRIBUNE, 17.03.1894) |
7.291 | पतिता नारियाँ (डिट्रएट ट्रिब्यून पतिता नारियाँ, 17.03.1894) |
8.297 |
| 374 | MEMORIRS OF EUROPEAN TRAVEL ( Paris, France 06.09.1900) |
7.297 | यूरोप यात्रा के संस्मरण (डायरी के रूप में लिखा हुआ भ्रमण वृत्तान्त पेरिस, फ्रांस 06.09.1900) |
8.147 |
| 375 | ON ART (2) | 7.407 | कला (2) | 10.043 |
| 376 | ON MUSIC | 7.407 | संगीत पर | 10.039 |
| 377 | ON MANTRA & MANTRA - CHAITANYA | 7.407 | मंत्र और मंत्र - चैतन्य | 3.204 |
| 378 | ON CONCEPTIONS OF GODHEAD | 7.408 | ईश्रत्व धारणा | 8.092 |
| 379 | ON FOOD | 7.409 | आहार पर | 10.039 |
| 380 | ON SANNYASA & FAMILY LIFE | 7.409 | संन्यास और गृहस्थ जीवन | 3.187 |
| 381 | ON OUESTIONING THE CONPETENCY OF GURU | 7.410 | गुरु के अधिकारी होने का प्रश्न | 3.188 |
| 382 | SHRI RAMAKRISHNA : THE SIGNIFICANCE OF HIS LIFE &TEACHINGS | 7.411 | ||
| 383 | ON SHRI RAMAKRISHNA & HIS VIEW | 7.413 | श्री रामकृष्ण और उनके विचार | 7.269 |
| 384 | SHRI RAMAKRISHNA : THE NATION `S IDEAL | 7.414 | श्री रामकृष्ण : राष्ट्र के आदर्श | 7.271 |
| 385 | MERCENARIES IN RELIGION (DELIVERED IN MINNEAPOLIS, REPORTED IN THE MINNEAPOLIS JOURNAL ON 26.11.1893) |
7.416 | धर्म में व्यवसायी (मिनियापोलिस में दिया गया और मिनियापोलिस जर्नल में प्रकाशित भाषण, 26.11.1893 ) |
3.237 |
| 386 | THE DESTINY OF MAN (DELIVERED IN MEMPHIS REPORTED IN APPEAL-AVALANCHE 17.01.1894) |
7.419 | मानव का भाग्यविधाता (मेमिफ्स में दिया हुआ व्याख्यान: 'अपील-एवलांश' की रिपोर्ट के आधार पर, 17.01.1894) |
9.133 |
| 387 | REINCARNATION (DELIVERED IN MEMPHIS REPORTED IN APPEAL-AVALANCHE 19.01.1894) |
7.423 | पुनर्जन्म (मेमिफ्स में दिया हुआ व्याख्यान : 'अपील -एवलांश' की रिपोर्ट के आधार पर, 19.01.18 94) |
10.027 |
| 388 | CONPARATIVE THEOLOGY (DELIVERED IN MEMPHIS, REPORTED IN APPEAL-AVALANCHE 21.01.1894) |
7.425 | तुलनात्मक धर्म - विज्ञान (मेमिफ्स में दिया हुआ व्याख्यान : 'अपील -एवलांश ' की रिपोर्ट के आधार पर, 21.01.1894) |
10.035 |
| 389 | BUDDHISM, THE RELIGION OF THE LIFE OF ASIA (DELIVERED IN DETROIT REPORTED IN'DETROIT TRIBUNE 19.3.1894) |
7.429 | बौद्ध धर्म, एशिया की ज्योति का धर्म ( डिट्रॅाएट में दिया गया व्याखान; जिसका विवरण 'डिट्रॅाएट ट्रिब्यून ' में प्रकाशित हुआ 19.03.1894) |
7.213 |
| 390 | THE SCIENCE OF YOGA (DELIVERED AT TUCKER HALL ALAMEDA, CALIFORNIA, 13.04.1900) |
7.43 | योग विज्ञान (टुकर हॉल, अलामेडा, कैलिफ़ोर्निया में दिया गया 13.04.1900 ) |
3.141 |
| 391 | LECTURES AND DISCOURSES (08.02.1895 NEW YORK ) |
8.001 | व्याख्यान और प्रवचन एवं कक्षालाप (न्यूयार्क, 08.02.1895) |
6.237 |
| 392 | DISCOURSES ON JNANA -YOGA (08.02.1895, NEW YORK ) |
8.003 | ज्ञानयोग पर प्रवचन (न्यूयार्क, 08.02.1895 ) |
6.253 |
| 393 | SIX LESSONS ON RAJA -YOGA (20.12.1894 Cambridge, MA) |
8.036 | राजयोग पर छ: पाठ ( कैंब्रिज, 20.12.1894 ) |
4.079 |
| 394 | WOMEN OF INDIA (DELIVERED AT THE SHAKESPEARE CLUB HOUSE IN PASADENA, CALIFORNIA, 18.01.1900) |
8.053 | भारतीय नारियाँ (पँसाड़ेना, कैलीफोर्निया के शेक्सपीयर क्लब हाउस में दिया हुआ भाषण, 18.01.1900 ) |
1.306 |
| 395 | MY LIFE & MISSON (DELIVERED AT THE SHAKESPEARE CLUB, PASADENA, CALIFORNIA, 27.1.1900) |
8.073 | मेरा जीवन तथा ध्येय (पँसाड़ेना, कैलीफोर्निया के शेक्सपीयर क्लब में दिया हुआ भाषण, 27.01.1900) |
10.003 |
| 396 | BUDDHA'S MESSAGE TO THE WORLD (DELIVERED IN SAN FRANCISCO, 18.03.1900) | 8.092 | संसार को बुद्ध का संदेश (सैन फ्रांसिस्को में दिया हुआ व्याखान, 18.03.1900 ) |
7.200 |
| 397 | DISCIPLESHIP (DELIVERED IN SAN FRANCISCO, 29.03.1900) |
8.106 | शिष्यत्व (सैन फ्रांसिस्को में दिया हुआ व्याखान, 29.03.1900 ) |
3.190 |
| 398 | IS VEDANTA THE FUTURE RELIGION? (DELIVERED IN SAN FRANCISCO, 08.04.1900) | 8.122 | क्या वेदान्तभावी युग का धर्म होगा (सैन फ्रांसिस्को में दिया हुआ व्याखान, 08.04.1900) |
9.077 |
| 399 | WRITING : PROSE & POEMS | 8.143 | रचनानुवाद | 10.000 |
| 400 | STRUGGLE FOR EXPANSION | 8.145 | विकास के लिये संघर्ष | 7.326 |
| 401 | THE BIRTH OF RELIGION | 8.148 | धर्म का जन्म | 7.332 |
| 402 | FOUR PATHS OF YOGA | 8.152 | योग के चार मार्ग | 7.323 |
| 403 | CYCLIC REST & CHANGE | 8.156 | कल्प विराम एवं परिवर्तन | 7.326 |
| 404 | A PREFACE TO THE EMITATION OF CHRIST | 8.159 | ईसा अनुसरण | 7.338 |
| 405 | AN INTERESTING CORRESPONDENCE (NEWYORK 15.02.1895 ) |
8.162 | एक रोचक पत्र व्यवहार (न्यूयार्क,15.02.1895) |
10.178 |
| 406 | THOU BLESSED DREAM (PARIS, 14.08.1900 ) |
8.168 | ओ स्वर्गीय स्वपन ! (पेरिस,14.08.1900) |
10.192 |
| 407 | LIGHT (BELUR MATH, 26.12.1900) |
8.168 | प्रकाश (बेलूर मठ, 26.12.1900) |
10.192 |
| 408 | THE LIVING GOD (ALMORA, 09.07.1897 ) |
8.169 | जाग्रत देवता (अलमोड़ा, 09.07.1897) |
10.193 |
| 409 | TO AN EARLY VIOLET (NEW YORK, 06.01.1896 ) |
8.169 | अकाल कुसुमित वायलेट के प्रति (न्यूयार्क, 06.01.1896) |
10.194 |
| 410 | TO MY OWN SOUL (NEW YORK, 1899) |
8.170 | अपनी आत्मा के प्रति (न्यूयार्क 1899) |
10.200 |
| 411 | THE DANCE OF SHIVA | 8.171 | शिव-संगीत | 9.337 |
| 412 | SHIVA IN ECSTASY | 8.171 | शिवस्तोत्रम | 9.338 |
| 413 | TO SHRI KRISHNA | 8.171 | श्री कृष्णा | 9.337 |
| 414 | A HYMN TO SHRI RAMAKRISHNA | 8.172 | श्री रामकृष्ण-स्तोत्रम् | 9.342 |
| 415 | A HYMN TO SHRI RAMAKRISHNA (Thakur Tithi Puja 22.02.1989) | 8.173 | श्री रामकृष्ण-आरत्रिकम | 9.345 |
| 416 | NO ONE TO BLAME (NEW YORK, 05.05.1895) |
8.175 | किसे दोष दूँ? (न्यूयार्क से लिखित, 16.05.1895) |
10.201 |
| 417 | NOTES OF CLASS TALKS & LECTURES | 8.179 | कक्षा लाप के संक्षिप्त विवरण | 10 .039 |
| 418 | WHEN WILL CHRIST COME AGAIN ? | 8.179 | ईसा का पुनरागमन कब होगा ? | 10.039 |
| 419 | THE DIFFERENCE BETWEEN MAN & CHRIST | 8.179 | मनुष्य और ईसा में अंतर | 10.040 |
| 420 | ARE CHRIST & BUDDHA IDENTICAL? | 8.180 | क्या ईसा और बुद्ध एक हैं | 10.041 |
| 421 | SALVATION FROM SIN | 8.181 | पाप से मोक्ष | 10.041 |
| 422 | COMING BACK TO THE DIVINE MOTHER | 8.181 | दिव्य माता के पास प्रत्यागमन | 10.041 |
| 423 | NO INDIVIDUALITY APART FROM GOD | 8.181 | ईश्वर से भिन्न व्यक्तित्व नहीं | 10.042 |
| 424 | MAN THE MAKER OF HIS DESTINY | 8.183 | मनुष्य अपना भाग्य-विधाता | 9.154 |
| 425 | GOD: PERSONAL & IMPERSONAL (CHICAGO, 24.09.1893) |
8.188 | ईश्वर: सगुण तथा निर्गुण (शिकागो, 24.09.1893) |
8.000 |
| 426 | THE DIVINE INCARNATION OR AVATARA (CHICAGO, 24.09.1893) |
8.190 | अवतार (शिकागो, 24.09.1893) |
10.021 |
| 427 | PRANAYAMA | 8.192 | प्राणायाम | 4.117 |
| 428 | WOMEN OF THE EAST (REPORT OF A LECTURE IN THE CHICAGO, DAILY INTER-OCEAN, 23.09.1893) |
8.198 | प्राच्य नारी ('शिकागो, डेली इंटर ओशन' के अंक में प्रकाशित एक भाषण की रिपोर्ट 23.09 1893) |
1.324 |
| 429 | CONGRESS OF RELIGIOUS UNITY (REPORT OF A LECTURE IN THE CHICAGO, SUNDAY HERALD, 23.09.1893) | 8.199 | धार्मिक एकता -सम्मेलन ('शिकागो, संडे हेराल्ड' में प्रकाशित एक भाषण की रिपोर्ट 23.09.1893) |
10.038 |
| 430 | THE LOVE OF GOD-1 (REPORT OF A LECTURE IN THE CHICAGO, HERALD, 25.09.1893) |
8.200 | ईश्वरप्रेम -1 (शिकागो, हेरल्ड में दिए गये एक भाषण की रिपोर्ट 25.11.1893) |
3.272 |
| 431 | THE LOVE OF GOD -2 (A LECTURE DELIVERED IN THE UNITARIAN CHURCH OF DETROIT AND REPORTED IN THE DETROIT FREE PRESS 20.02.1894) |
8.201 | ईश्वरप्रेम -2 (डिट्रॅाएट यूनिटेरियन चर्च में दिए गये भाषण की डिट्रॅाएट फ्री प्रेस में रिपोर्ट 20.02.1894) |
3.273 |
| 432 | INDIA (REPORT OF A LECTURE DELIVERED AT DETROIT WITH THE EDITORIAL COMMENTS OF THE DETROIT FREE PRESS 15.02.1894 ) |
8.204 | भारत (डिट्रॅाएट फ्री प्रेस में संपादकीय टिप्पणियों सहित गुरुवार,को डिट्रॅाएटमें दिए हुए एक भाषण की रिपोर्ट 15.02.1894) |
1.269 |
| 433 | HINDUS & CHRISTIANS (A LECTURE DELIVERED AT DETROIT AND REPORTRD IN THE DETROIT FREE PRESS 21.02.1894) |
8.209 | हिन्दू और ईसाई (डिट्रॅाएट में दिया हुआ और 'डिट्रॅाएट फ्री प्रेस' में प्रकाशित एक भाषण 21.02.1894) |
1.275 |
| 434 | CHRISTIANITY IN INDIA (A LECTURE DELIVERED AT DETROIT AND REPORTED IN THE DETROIT FREE PRESS 11.03.1894 ) |
8.214 | भारत में ईसाई धर्म (डिट्रॅाएट में दिया हुआ और 'डिट्रॅाएट फ्री प्रेस' में प्रकाशित एक भाषण) |
1.280 |
| 435 | THE RELIGION OF LOVE (NOTE OF A LECTURE DELIVERED IN LONDON 16.11.1895 ) |
8.222 | प्रेम-धर्म (लंदन में दिये गये एक भाषण के नोट्स 16.11.1855) |
3.275 |
| 436 | JNANA & KARMA (NOTES OF A LECTURE DELIVERED IN LONDON, 23.11.1895 ) |
8.225 | ज्ञान और कर्म (लंदन में दिए गये एक भाषण के लिये लिखित टिप्पणियाँ 23.11.1895 ) |
9.192 |
| 437 | THE CLAIMS OF VEDANTA ON THE MODERN WORLD (REPORT OF LECTURE DELIVERD IN OAKLAND ON SUNDAY,FEBRUARY WITH EDITORIAL COMMENTS OF THE OAKLAND ENQUIRER 25.2.1900) |
8.231 | आधुनिक संसार पर वेदान्त का दावा (रविवार, फरवरी को ओकलैंड में दिए गए व्याख्यान की रिपोर्ट ओकलैंड एनक्वायरर की संपादकीय टिप्पणियों के साथ 25.2.1900) |
9.150 |
| 438 | THE LAWS OF LIFE & DEATH (REPORT OF A LECTURE DELIVERED IN OAKLAND ON WITH EDITORIAL COMMENTS OF THE OAKLAND TRIBUNE 07.03.1900) |
8.235 | जीवन और मृत्यु के नियम -1 (ओकलैंड में दिए हुए व्याख्यान का विवरण; साथ में 'ओकलैंड ट्रिब्यून' पत्रिका की सम्पादकीय टिप्पणी भी हैं 07.03.1900) |
10.023 |
| 439 | THE REALITY & SHADOW (REPORT OF A LECTURE DELIVERED IN OAKLAND WITH EDITORIAL COMMENTS OF THE OAKLAND TRIBUNE 08.03.1900 ) |
8.237 | सत्य और छाया (2) (ओकलैंड में दिए गये एक भाषण रिपोर्ट :'ओकलैंड ट्रिब्यून' की टिप्पणियों सहित विवरण 08.03.1900) |
6.286 |
| 440 | WAY TO SALVATION (REPORT OF A LECTURE DELIVERED IN OAKLAND WITH EDITORIAL COMMENTS OF THE OAKLAND TRIBUNE 12.03.1900) |
8.239 | मुक्ति का मार्ग (सोमवार को ओकलैंड में दिए गये भाषण की रिपोर्ट: 'ओकलैंड एन्क्वायरर' की सम्पादकीय टिप्पणी 12.03.1900) |
3.212 |
| 441 | THE PEOPLE OF INDIA (REPORT OF A LECTURE DELIVERD IN OAKLAND ON MONDAY, WITH EDITORIAL COMMENTS OF THE OAKLAND ENQUIRER 19.03.1900) |
8.241 | भारत की जनता (सोमवार,को ओकलैंड में दिए गये 'ओकलैंड एन्क्वायरर' की संपादकीय टिप्पणियों सहित एक भाषण की रिपोर्ट 19.03.1900 ) |
1.273 |
| 442 | I AM THAT I AM (NOTE OF A LECTURE GIVEN IN SAN FRANCISCO 20.03.1900) |
8.244 | सोऽहमस्मि (सैन फ्रांसिस्को में दिया गया व्याख्यान 20.03.1900) |
8.120 |
| 443 | UNITY (NOTE OF A LECTURE DELIVERED AT THE VEDANT SOCIETY, NEW YORK, JUNE 1900) |
8.250 | एकता (जून 1900 में वेदान्त सोसाइटी, न्यूयार्क में दिये गये एक भाषण के अनुलेख) |
6.286 |
| 444 | THE WORSHIP OF THE DIVINE MOTHER (FRAGMENTARY NOTES TAKEN ON SUNDAY AFTERNOON IN NEW YORK, JUNE1900) |
8.252 | दिव्य माता की उपासना (न्यूयार्क में जून,1900 में एक रविवार के तीसरे पहर लिये हुए कुछ स्फुट नोट) |
3.212 |
| 445 | THE ESSENCE OF RELIGION (REPORT OF A LECTURE DELIVERED IN AMERICA) |
8.254 | धर्म का सार-तत्व (अमेरिका में दिए गये एक भाषण का विवरण) |
2.258 |
| 446 | SAYING AND UTTERANCES (58) | 8.259 | सूक्तियाँ एवं सुभाषित | 8.127 |
Foot Note:

